Computer Basics in Hindi पूरी जानकारी

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Hello दोस्तों, कंप्यूटर सीखें – Computer Basic in Hindi में आपका बहुत बहुत Welcome है. तो आइये इस computer basic knowledge की शुरुआत करते हुए सबसे पहले Computer Kya Hai? जान लेते हैं.

Contents Table

Computer in Hindi से परिचय-

computer basic in hindi

सम्पूर्ण विश्व मे शायद ही कोई इंसान बचा होगा जो Computer शब्द से अभी तक अनजान होगा. Computer एक इलैक्ट्रोनिक डिवाइस है. जो इनपुट के माध्यम से आंकडो को ग्रहण करता है. उन्हे प्रोसेस करता है एवं सूचनाओ को निर्धारित स्थान पर Store करता है. कम्पयूटर एक क्रमादेश्य मशीन (Programmable machine) है.

क्या आप जानना चाहते हैं-

Computer की निम्नलिखित विशेषताएँ है-

  • Computer विशिष्ठ निर्देशो को सुपरिभाषित ढंग से प्रतिवाधित करता है.
  • यह पहले संचित निर्देशो को क्रियान्वित करता है.

वर्तमान के Computer इलेक्ट्रानिक और डिजिटल है. इनमे मुख्य रूप से तार ट्रांजिस्टर एवं सर्किट का उपयोग किया जाता है. जिसे Hardware कहा जाता है. निर्देश एवं डेटा को software कहा जाता है. Computer अपने काम-काज, प्रयोजन या उद्देश्य तथा रूप-आकार के आधार पर विभिन्न प्रकार के होते हैं.

वस्तुतः इनका सीधे-सीधे अर्थात प्रत्यक्षतः (Direct) वर्गीकरण करना कठिन है. इसलिए इन्हें हम निम्नलिखित तीन आधारों पर वर्गीकृत करते हैं :

  • अनुप्रयोग (Application )
  • उद्देश्य (Purpose )
  • आकार (Size)

अनुप्रयोग के आधार पर कम्प्यूटरों के प्रकार-

यद्यपि Computer के अनेक अनुप्रयोग हैं. जिनमे से तीन अनुप्रयोगों के आधार पर कम्प्यूटरों के तीन प्रकार होते हैं-

  •  एनालॉग कम्प्यूटर
  •  डिजिटल कम्प्यूटर
  • हाईब्रिड कम्प्यूटर

उद्देश्य के आधार पर कम्प्यूटरों के प्रकार-

Computer को दो उद्देश्यों के लिए हम स्थापित कर सकते हैं- सामान्य और विशिष्ट , इस प्रकार Computer उद्देश्य के आधार पर निम्न दो प्रकार के होते हैं-

  • सामान्य-उद्देशीय कम्प्यूटर
  • विशिष्ट -उद्देशीय कम्प्यूटर

आकार के आधार पर कम्प्यूटरों के प्रकार-

आकार के आधार पर हम कम्प्यूटरों को निम्न श्रेणियाँ प्रदान कर सकते हैं-

  • माइक्रो कम्प्यूटर (Microcomputer)
  • वर्कस्टेशन (Workstation)
  • मिनी कम्प्यूटर (Mini computer)
  • मेनफ्रेम कम्प्यूटर (Mainframe computer)
  • सुपर कम्प्यूटर (Super computer)

ऑपरेटिंग सिस्टम (Operating System)-

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Operating System व्यवस्थित रूप से जमे हुए Software का समूह है. जो कि आंकडो एवं निर्देश के संचरण को नियंत्रित करता है.

ऑपरेटिंग सिस्टम की आवश्यकता-

Operating System हार्डवेयर एवं साफ्टवेयर के बिच सेतु का कार्य करता है. Computer का अपने आप मे कोई अस्तित्व नही है. केवल हार्डवेयर जैसे Key board, monitor, CPU इत्यादि का समूह है. Operating System समस्त हार्डवेयर के बिच सम्बंध स्थापित करता है.

Operating System के कारण ही प्रयोगकर्ता को Computer के विभिन्न भागो की जानकारी रखने की जरूरत नही पडती है. साथ ही प्रयोगकर्ता अपने सभी कार्य तनाव रहित होकर कर सकता है. यह सिस्टम के साधनो को बाॅटता एवं व्यवस्थित करता है.

Operating System के कई अन्य उपयोगी विभाग होते है जिनके सुपुर्द कई काम केन्द्रिय प्रोसेसर द्वारा किए जाते है. उदाहरण के लिए प्रिटिंग का कोई किया जाता है तो Central processor आवश्यक आदेश देकर वह कार्य Operating System पर छोड देता है. और वह स्वयं अगला कार्य करने लगता है.

इसके अतिरिक्त Rename the file, change directory contents, change directory आदि कार्य Operating System के द्वारा किए जाते है. इसके अन्तर्गत निम्न कार्य आते है-

फाइल पद्धति (File system)-

Create, delete files एवं File from one place to another ले जाना.  फाइल निर्देशिका को व्यवस्थित करना.

प्रक्रिया (process)-

प्रोग्राम एवं आंकडो को memory मे बाटना. एवं प्रोसेस का प्रारंभ एवं समानयन करना. प्रयोगकर्ता मध्यस्थ File copy, directory इत्यादि के लिए Instructions, Drawer Disc Tops आदि

इनपुट/आउटपुट (input Output)-

माॅनिटर, प्रिंटर, डिस्क आदि के लिए मध्यस्थ इनपुट/होता है.

आपरेटिंग सिस्टम (Operating System) की विशेषताए-

मेमोरी प्रबंधन (Memory management)-

प्रोग्राम एवं आकडो को क्रियान्वित करने से पहले मेमोरी मे डालना पडता है. अधिकतर Operating System एक समय मे एक से अधिक प्रोग्राम को मेमोरी मे रहने की सुविधा प्रदान करता है. Operating System यह निश्चित करता है. कि प्रयोग हो रही मेमोरी अधिलेखित न हो प्रोग्राम स्माप्त होने पर प्रयोग होने वाली मेमोरी मुक्त हो जाती है.

मल्टी प्रोग्रामिंग (Multi programming)-

एक ही समय पर दो से अधिक प्रक्रियाओ का एक दूसरे पर प्रचालन होना Multi programming कहलाता है. विशेष तकनिक के आधार पर C.P.U के द्वारा निर्णय लिया जाता है. कि इन प्रोग्राम मे से किस प्रोग्राम को चलाना है. एक ही समय मे C.P.U किसी प्रोग्राम को चलाता है.

मल्टी प्रोसेसिंग (Multi processing)-

एक समय मे एक से अधिक कार्य के क्रियान्वयन के लिए सिस्टम पर एक से अधिक C.P.U रहते है. इस तकनीक को Multi processing कहते है.  एक से अधिक प्रोसेसर उपल्ब्ध होने के कारण इनपुट/आउटपुट एवं प्रोसेसींगतीनो कार्यो के मध्य समन्वय रहता है.

मल्टी टास्किंग (Multi tasking)-

मेमोरी मे रखे एक से अधिक प्रक्रियाओ मे परस्पर नियंत्रण Multi tasking कहलाता है. किसी प्रोग्राम से नियत्रण हटाने से पहले उसकी पूर्व दशा सुरक्षित कर ली जाती है. जब नियंत्रण इस प्रोग्राम पर आता है. प्रोग्राम अपनी पूर्व अवस्था मे रहता है. मल्टी टास्किंग मे यूजर को ऐसा प्रतित होता है. कि सभी कार्य एक साथ चल रहे है.

मल्टी थ्रेडिंग (Multi threading)-

यह Multi tasking का विस्तारित रूप है. एक प्रोग्राम एक से अधिक थ्रेड एक ही समय मे चलाता है. उदाहरण के लिए एक Spreadsheet lbb calculation उस समय कर लेता है. जिस समय यूजर आंकडे डालता है.

रियल टाइम (real time)-

Real Time Operating Systems की प्रक्रिया बहुत ही तीव्र गति से होती है.

आपरेटिंग सिस्टम (Operating System) के प्रकार-

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उपयोगकर्ता की गिनती के आधार पर Operating System को दो भागो मे विभाजित किया गया है-

एकल उपयोगकर्ता-

एकल उपयोगकर्ता Operating System वह Operating System है. जिसमे एक समय मे केवल एक उपयोगकर्ता काम कर सकता है.

बहुल उपयोगकर्ता-

वह Operating System जिसमे एक से अधिक उपयोगकर्ता एक ही समय मे काम कर सकते कर सकते है. काम करने के मोड के आधार पर भी इसे दो भागो मे विभाजित किया गया है.

  • कैरेक्टर यूजर इंटरफेस (Character User Interface)-

जब उपयोगकर्ता सिस्टम के साथ Character के द्वारा सूचना देता है. तो इस Operating System को कैरेक्टर यूजर इंटरफेस (Character User Interface) कहते है.

  • ग्राफिकल यूजर इंटरफेस (Graphical user interface)-

जब उपयोग कर्ता Computer से चित्रो के द्वारा सूचना का आदान प्रदान करता है. तो इसे Graphical user interface कहा जाता है.

कंप्यूटर और मानवीय मस्तिष्क-

कंप्यूटर और मानवीय मस्तिष्क

कल्पनाशीलता अथवा रचनात्मकता कंप्यूटरों की सीमा के बाहर है. जिस किसी काम की कभी कल्पना नहीं की गई हो Computer उसे नहीं कर सकते. जबकि मानवीय मस्तिष्क इस सीमा को लांघने की शक्ति रखता है. Computer मानवीय मस्तिष्क से संभव हो सकने वाले कामो में से बहुत कम काम ही कर सकता है.

इसलिए Computer मानव के दास की भूमिका में ही केवल सटीक बैठता है. Computer जो भी काम कर सकता है. दरसल वो मानवीय मस्तिष्क का ही देन होता हैं. हर एक मनुष्य का मस्तिष्क अलग अलग होता है. वो एक ही काम को अलग अलग तरीकों से करेगा. परन्तु १० या १००० एक जैसा तैयार किया गया Computer एक जैसा ही काम करता है.

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